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ब्लॉग्स (18)
आप के दिल में खुशी के, रंग भरना चाहता हूँ. ज़िंदगी भर आपके मैं, संग रहना चाहता हूँ.. आकाश में हम कर सकें, मस्ती भरी अठखेलियाँ. पंख बनकर आपके मैं, साथ उड़ना चाहता हूँ.. निर्मल,अनूठे प्रेम का, रिश्ता बनाने के लिए. मैं प्रणय की पत्रिका के, पृष्ठ पढ़ना चाहता ... आगे पढ़ें...

सु- रभित-शोभित उपवन मन का, ... ..मधुर-सुखद फूलों के सपने।जा- ना हमने खुशबू देकर, .......बनें गैर भी कैसे अपने ॥ता- ने दे चाहे जग सारा,..... .दृढ़ - संकल्पित- कदम रुकें ना , श- ब्दों के मृदु-मानदंड पर,..... अटल रहें हम कभी झुकें ना॥ र- सना से प्रस्फुटित ... आगे पढ़ें...

tesuon ke rang ne,bheege har ang ne dilon ki deewangi fir se badhai hai / saathiyon ke sang ne,neh bhari bhang ne / chaahat chahakne ki fir se jagaai hai //tan ki umang ne, man ke vihang ne ,sapnon ki paalki, fir se sajaai hai // prem roopi bhring ... आगे पढ़ें...

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