Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

देश वासियो ! अब देशप्रेम करो, दिखाओ मत .....

आज जब देश के अन्दर और बाहर आतंक को बढावा देने वाले तत्व सक्रिय हैं. हमारे देश के अन्दर ही आतंकी गतिविधियाँ आए दिन बढ़ रहीं हैं. हम जानते भी हैं कि ये विदेशियों की करतूतें हैं , तब भी क्या बिना जयचंदों के इतना सब कुछ सम्भव है ? कब तक महाराणा प्रताप, लक्ष्मी बाई, भगत सिंह , चन्द्र शेखर और सुभाष जैसे सपूत देश के स्वाभिमान की रक्षा करते रहेंगे ? क्या हमारे देश की यही नियति है कि हम शहीद होते रहें और अँगुलियों पर गिने जा सकने वाले जयचंद आतंकियों का साथ देते रहें ?
दूसरी और हमारे ही देश में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो अपने स्वार्थ के लिए, पैसों की भूख मिटाने के लिए अपना ईमान-धरम, ह्त्या-लूटपाट के आगे भी कहें तो देश को बेचने से भी नहीं हिचकेंगे . तीसरी अहम् बात बड़ी चौंकाने वाली है कि हमारे देश में एक ऐसा बड़ा वर्ग भी है जो १५ अगस्त, २६ जनवरी और २ अक्टूबर को ऐसा देशप्रेम दिखाता है जैसे उनसे बड़ा देशभक्त और कोई दूसरा हो ही नहीं सकता.. इस तरह के मौकापरस्त ऐसा कोई भी अवसर नहीं छोड़ते , चाहे वो संकट की घड़ी हो, खुशी के पल हों या दुःख की घडियाँ . ये हर जगह अपने देश प्रेम का ढिंढोरा पीटते नज़र आते हैं. जबकि सत्यता ये है कि ऐसे लोगों का ये दिखावा सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने निजी स्वार्थ के लिए ही होता है...ये मोहल्ले में लगी आग को बुझाने के लिए उसे पड़ोसी के घर तक पहुँचने का इंतज़ार करने वाली कहावत को चरितार्थ करते हैं .
मुद्दे की बात ये है कि ये सारे लोग इस तरह की विचारधारा को पाल कर ख़ुद नहीं जानते कि वे देश का कितना बड़ा नुकसान कर रहे हैं . ऐसे लोगों को ये बात समझना होगी कि उन्हें अपने देश से , अपनी माटी से , जहाँ ये पले, बढे और अपनी पहचान पाई है उस देश से सच्चा प्रेम करना उनका उतना ही बड़ा दायित्व है जितना कि अपने माँ-बाप और बच्चों से प्रेम करना है. क्या हम अपनों से दिखावा करते हैं ? क्या हम अपने बच्चों से विशवास घात करते हैं? हमें तो खुशी तब होती है जब वह प्रगति करते हुए दिखता है , वह अपनी पहचान बनाता है. आज हमें बुराईयों की आँधी से देश के दिए को मह्फूस ही नहीं उसकी अच्छाईयों की रौशनी को सारी दुनिया में फैलाना है .
ये बातें आज के बदलते परिवेश और मौजूदा हालात में और भी जरूरी हो जाती हैं कि देश का हर बच्चा-बूढा एक सच्चे देशभक्त और भारत माँ की संतान होने के नाते उस हर करतूत का मुँहतोड़ जवाब देने को कटिबद्ध रहे जो देश की प्रगति , अमन-चैन और देश की सुरक्षा के आड़े आने की कोशिश करे । इसलिए देश वासियो ! अब देशप्रेम करो, दिखाओ मत .....
हम अपने छोटे छोटे स्वार्थों के कारण अपने देश को खोखला न होनें दें, देश के साथ दिखावा न करें , उसके साथ विश्वासघात न करें. आईये , हम सब अपनी सोच को बदलें और राष्ट्र को विश्व में वांछित पहचान दिलाने हेतु दृढ़ संकल्पित हों.
- विजय तिवारी "किसलय"

अस्वीकरण